हर बात में मायने मत ढूंडो,
कुझ बात बेमायने रहने दो |
हर जाम में नशा नहीं होता ,
किसी आँख में पैमाने रहने दो |
हर प्यार में वफ़ा नहीं होती ,
बेवफाई के तराने रहने दो |
वक़्त बदलता है , इंसान भी ,
कहीं किसी इक पल में जमाने रहने दो |
कुझ यार नए मिलादो ,
कुझ यार पुराने रहने दो |
कुझ नए दांव भी सीखने हैं ,
कुझ हथियार पुराने रहने दो |
कुझ पल तो जी लो इस पल में ,
कुझ याद पुराने रहने दो |
हर मर्ज की दवा करदो ऐ "साकी" ,
कुझ दर्द पुराने रहने दो |
हर बात में मायने मत ढूंडो,
कुझ बात बेमायने रहने दो |
कुझ बात बेमायने रहने दो |
हर जाम में नशा नहीं होता ,
किसी आँख में पैमाने रहने दो |
हर प्यार में वफ़ा नहीं होती ,
बेवफाई के तराने रहने दो |
वक़्त बदलता है , इंसान भी ,
कहीं किसी इक पल में जमाने रहने दो |
कुझ यार नए मिलादो ,
कुझ यार पुराने रहने दो |
कुझ नए दांव भी सीखने हैं ,
कुझ हथियार पुराने रहने दो |
कुझ पल तो जी लो इस पल में ,
कुझ याद पुराने रहने दो |
हर मर्ज की दवा करदो ऐ "साकी" ,
कुझ दर्द पुराने रहने दो |
हर बात में मायने मत ढूंडो,
कुझ बात बेमायने रहने दो |
हर जाम में नशा नहीं होता ,-
किसी आँख में पैमाने रहने दो |
---इक़बाल साकी
किसी आँख में पैमाने रहने दो |
---इक़बाल साकी
